Ants facts in Hindi part 1 (चींटियां)
चींटियां
चींटियां दुनिया की सबसे बड़ी सामाजिक प्राणी हैं। इनकी करीब 22 हजार प्रजातियां हैं। ये कॉलोनियों में लाखों की संख्या में रहती हैं। अंंटार्कटिका को छोड़कर पृथ्वी पर हर जगह चींटियां पाई जाती हैं। ये अपने घरों को बहुत गहरे खोदकर गुफाओं जैसा बनाती हैं, ताकि बारिश के पानी से ये सुरक्षित रह सकें।
चींटियों के परिवार की मुखिया रानी मां होती है। वह क्लोनिंग के तरीके से चींटियों को जन्म देती है। सब उसकी सेवा में लगे रहते हैं।
चींटियों की सूंघने की शक्ति बहुत तेज होती है। जासूस चींटियां भोजन का पता लगाकर मजदूर चींटियों को बुला लाती हैं। फिर वे उसे अपने गोदामों तक पहुंचा देती हैं।
चींटियों की कॉलोनी में केवल मादा चींटियां ही रानी चींटी के साथ रहती हैं। नर चींटियों की कॉलोनी उनके पास ही होती है, जिन्हें ड्रोन कहते हैं।
चींटियों की सबसे बड़ी दुश्मन खुद चींटियां ही हैं। इनके कबीलों में आपस में खूब युद्ध होते हैं। कई बार ये लड़ाई इतनी भयानक होती है कि कई दिनों तक बिना रुके चलती रहती है।
अमेजन चींटियां फार्मिका चींटियों की कॉलोनी पर धावा बोलकर उनकी रानी को मार देती हैं और उनकी चींटियों को गुलाम बना लेती हैं। जब अमेजन रानी चींटी के बच्चे युवा होते हैं, तो उनका उद्देश्य फार्मिका रानी पर आक्रमण करना और उनके अंडों को उठाकर लाना होता है, ताकि गुलामों की कमी पूरी होती रहे।
सैनिक चींटियों का काम अपने दल की रक्षा करना होता है। उनके सिर का आकार उनकी गुफा के मुख्य प्रवेश द्वार से मिलता-जुलता है। दुश्मन को रोकने के लिए वे उसे गुफा के द्वार में ऐसे ही फंसा देती हैं, जैसे बोतल में कॉर्क फंस जाती है।
कुछ चींटियां पेड़ की दरारों में रहती हैं। वे पौधों को खाने वाले जीवों और उन पर उगने वाले दूसरे पौधों को खा जाती हैं।
अफ्रीका व अमेजन के आदिवासी आर्मी ऐंट का उपयोग घाव को भरने के लिए करते हैं। घाव के चारों ओर आर्मी ऐंट को छोड़ दिया जाता है। वे घाव के अंदर जबड़ों को ऐसे फंसाती हैं कि खून का बहना बंद हो जाता है।
जहरीली और आक्रामक होने के बाद भी चींटियों के दुश्मन भी कम नहीं हैं। चिड़िया, मेढक, छिपकली, कई चींटीखोर जानवर व मनुष्य तक इनके दुश्मन हैं।
कुछ चींटियों का एक पेट खाने के लिए होता है और दूसरे पेट में वे रानी चींटी और लार्वा के लिए भोजन का भंडारण करती हैं। इस कारण उनका यह पेट अंगूर के बराबर फूल जाता है। ये चलती-फिरती जीवित पैंट्री जरूरत पड़ने पर अपने दूसरे पेट से भोजन गिराती रहती हैं।
कुछ प्रजातियों की चींटियां पानी की सतह पर चल सकती हैं और कुछ तैर सकती हैं। कुछ चींटियां पानी में 24 घंटे तक जीवित रह सकती हैं।
आकार के अनुरूप चींटी की मांसपेशियां मनुष्य की अपेक्षा बहुत मोटी होती हैं। ये एक वर्ग मील एरिया में करीब 50 टन मिट्टी को इधर से उधर कर देती हैं।
. चींटी एक सामाजिक किट है जिसकी अब तक 12000 से अधिक प्रजातियों का वर्गीकरण हो चूका है।
कुछ मामलों में चींटियां हमारे जैसी होती हैं। हमारी तरह ही वे खेती करती हैं और खाना जुटाने के लिए कड़ी मेहनत करती हैं। यही नहीं, अपने दुश्मन के आक्रमण से बचने के लिए वे सैनिकों का काम भी करते हैं।
चींटियां दुनिया की सबसे बड़ी सामाजिक प्राणी हैं। इनकी करीब 22 हजार प्रजातियां हैं। ये कॉलोनियों में लाखों की संख्या में रहती हैं। अंंटार्कटिका को छोड़कर पृथ्वी पर हर जगह चींटियां पाई जाती हैं। ये अपने घरों को बहुत गहरे खोदकर गुफाओं जैसा बनाती हैं, ताकि बारिश के पानी से ये सुरक्षित रह सकें।
चींटियों के परिवार की मुखिया रानी मां होती है। वह क्लोनिंग के तरीके से चींटियों को जन्म देती है। सब उसकी सेवा में लगे रहते हैं।
चींटियों की सूंघने की शक्ति बहुत तेज होती है। जासूस चींटियां भोजन का पता लगाकर मजदूर चींटियों को बुला लाती हैं। फिर वे उसे अपने गोदामों तक पहुंचा देती हैं।
चींटियों की कॉलोनी में केवल मादा चींटियां ही रानी चींटी के साथ रहती हैं। नर चींटियों की कॉलोनी उनके पास ही होती है, जिन्हें ड्रोन कहते हैं।
चींटियों की सबसे बड़ी दुश्मन खुद चींटियां ही हैं। इनके कबीलों में आपस में खूब युद्ध होते हैं। कई बार ये लड़ाई इतनी भयानक होती है कि कई दिनों तक बिना रुके चलती रहती है।
अमेजन चींटियां फार्मिका चींटियों की कॉलोनी पर धावा बोलकर उनकी रानी को मार देती हैं और उनकी चींटियों को गुलाम बना लेती हैं। जब अमेजन रानी चींटी के बच्चे युवा होते हैं, तो उनका उद्देश्य फार्मिका रानी पर आक्रमण करना और उनके अंडों को उठाकर लाना होता है, ताकि गुलामों की कमी पूरी होती रहे।
सैनिक चींटियों का काम अपने दल की रक्षा करना होता है। उनके सिर का आकार उनकी गुफा के मुख्य प्रवेश द्वार से मिलता-जुलता है। दुश्मन को रोकने के लिए वे उसे गुफा के द्वार में ऐसे ही फंसा देती हैं, जैसे बोतल में कॉर्क फंस जाती है।
कुछ चींटियां पेड़ की दरारों में रहती हैं। वे पौधों को खाने वाले जीवों और उन पर उगने वाले दूसरे पौधों को खा जाती हैं।
अफ्रीका व अमेजन के आदिवासी आर्मी ऐंट का उपयोग घाव को भरने के लिए करते हैं। घाव के चारों ओर आर्मी ऐंट को छोड़ दिया जाता है। वे घाव के अंदर जबड़ों को ऐसे फंसाती हैं कि खून का बहना बंद हो जाता है।
जहरीली और आक्रामक होने के बाद भी चींटियों के दुश्मन भी कम नहीं हैं। चिड़िया, मेढक, छिपकली, कई चींटीखोर जानवर व मनुष्य तक इनके दुश्मन हैं।
कुछ चींटियों का एक पेट खाने के लिए होता है और दूसरे पेट में वे रानी चींटी और लार्वा के लिए भोजन का भंडारण करती हैं। इस कारण उनका यह पेट अंगूर के बराबर फूल जाता है। ये चलती-फिरती जीवित पैंट्री जरूरत पड़ने पर अपने दूसरे पेट से भोजन गिराती रहती हैं।
कुछ प्रजातियों की चींटियां पानी की सतह पर चल सकती हैं और कुछ तैर सकती हैं। कुछ चींटियां पानी में 24 घंटे तक जीवित रह सकती हैं।
आकार के अनुरूप चींटी की मांसपेशियां मनुष्य की अपेक्षा बहुत मोटी होती हैं। ये एक वर्ग मील एरिया में करीब 50 टन मिट्टी को इधर से उधर कर देती हैं।
. चींटी एक सामाजिक किट है जिसकी अब तक 12000 से अधिक प्रजातियों का वर्गीकरण हो चूका है।
. इस दुनिया पर चींटियों का भी उतना ही भार है जितना की मनुष्यो का।
. सबसे बड़ी चींटी अफ्रीका में पाई जाती है।
. जिसकी लंबाई 3 सेंटीमीटर होती है।
. हर प्रजाति की चींटियों की अपनी एक सीमाए होती है जो एक दूसरे पर हमला भी करती है।
. चींटियों के महल भी होते है जो करीब 3 फुट तक ऊँचे हो सकते है।
. चींटियों की कई प्रजातियां खूंखार भी होती है।
. चींटियों की खूंखार प्रजातियां मध्य अफ्रीका में पाई जाती है।
. आप यकीन नहीं करेंगे लेकिन चींटिया माँसाहारी भी होती है।
. माँसाहारी चींटिया लाखो की तादाद में ही शिकार करती है।
. चींटियों के पास एक खास गुण होता है जिससे वह अपने शरीर से छोड़ी गई गंध के ज़रिये अपने पुराने बिल में भी वापस जा सकती है।
. चींटिया अपने शरीर के भार से 50 गुना अधिक वजन उठा सकती है।
. ऊंचाई से गिरकर फिर चढ़ना चींटियों की आदत है।
. दुनिया की सबसे बड़ी Ant Colony 6000 किलोमीटर चौड़ी है।
. चींटिया करीब 30 साल तक जीवित रह सकती है।
. चींटिया सभी कीड़ो में सबसे ज़्यादा दिनों तक जीवित रहती है।
. चींटिया अपने आकार के कीड़ो के मामले में सबसे मज़बूत किट है।
. एक मील वर्ग किलोमीटर के दायरे में हर साल चींटियों के चलने की वजह से करीब 50 टन मिटटी फैलती या इधर उधर होती है।
. Fire Ants की वजह से अमेरिका में हर साल $5 अरब डॉलर का नुकसान होता है।
. चींटियों की कुछ प्रजातियों को गर्भ धारण करने के लिए मर्द चींटियों की आवश्यकता नहीं होती है।
. चींटियों के दो पेट होते है पहला खुदका खाना जमा करने के लिए और दूसरा दुसरो का खाना रखने के लिए।
. चींटियों की कुछ प्रजातियां ऐसी भी होती है जो दूसरी प्रजातियों को गुलाम बना कर रखती है।
. चींटियों के फेफड़े नहीं होते है।
. कुछ चींटिया तैराक भी होती है।
. सबसे बड़ी चीटी अफ्रीका में पाई जाती है, जिसकी लंबाई तीन सेंटीमीटर तक होती है.
. हर प्रजाति की चीटियों की अपनी सीमाएं होती हैं, जो एक-दूसरे पर हमला भी करती हैं.
. चीटियों के अपने महल भी होते हैं, जो तीन फुट तक ऊंचे होते हैं.
. चीटियों की कई प्रजातियां खूंखार भी होती हैं. ऐसी प्रजाति की चींटी मध्य अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और दक्षिण एशिया में पाई जाती हैं.
. आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन यह सच हैं कि चीटियां मांसाहारी भी होती है.
. यह चीटियां लाखों की संख्या में अपने शिकार की तलाश में निकलती हैं, जब शिकार चंगुल में फंस जाता है तो उसका मांस खा जाती है.
. चीटियों में एक खास गुण होता हैं जिसके चलते वे अपने शरीर से छोड़ी गई गंध के जरिए अपने पुराने बिल में वापस भी जा सकती है.
. चीटियां अपने शरीर के भार से 50 गुना अधिक भार उठा सकती हैं.
. ऊंचाई से गिरकर ऊपर चढ़ना इनकी खासियत होती है.


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